Wednesday, October 29, 2014

निर्धन-निःशक्तजनों की सेवार्थ अद्भुत् त्रिधाम एवं एकादश ज्योर्तिलिंग तीर्थ रेल यात्रा

   नारायण सेवा संस्थान ने निर्धन-निःशक्तजनों की सेवार्थ हेतु दानवीरों के लिए 25 दिवसीय विषेष रेल द्वारा अदभुत त्रि-धाम एकादश ज्यार्तिलिंग दर्षन यात्रा का आयोजन किया जा रहा है। इस रेल यात्रा में देश के विभिन्न भागों से 200 से अधिक दानवीर- तीर्थ यात्री दिल्ली से विशेष रेलगाड़ी द्वारा 30 अक्टूबर 2014 को प्रातः 10 बजे प्रस्थान करेंगे। यह रेल दिल्ली से प्रारम्भ होकर - उदयपुर, उज्जैन, राजकोट, द्वारिका,सोमनाथ, अहमदाबाद, पूणे, ओरंगाबाद, हैदराबाद, तिरूपति, कन्याकुमारी , रामेष्वरम, चैन्नई, जगन्नाथपुरी, गया, वाराणसी एवं हरिद्वार होते हुए 23 नवम्बर, 2014 को पुनः दिल्ली पहुंचेगी। इस विशेष रेल यात्रा में पेन्ट्री कार सहित थ्री टायर के तीन कोच होंगे। प्रत्येक कोच में इन्टरकाॅम माईक तथा कैमरे की व्यवस्था रहेगी। यात्रा के दौरान भजन मण्डली द्वारा भजन- कीर्तन का आयोजन भी रखा गया है। यात्रियों को सुबह चाय व नाश्ता तथा दोपहर व सांय शुद्व सात्विक शाकाहारी भोजन परोसा जाएगा।
         
        तीर्थयात्रियों की सुविधा एवं सुरक्षा हेतु प्रत्येक कोच में एक सुरक्षा गार्ड, दो साधक होंगे। तीर्थयात्रियो को देव दर्शन के साथ-साथ पर्यटन केन्द्रों का भी भ्रमण करवाया जाएगा। इस यात्रा के दौरान रात्रि विश्राम स्थल पर सामूहिक सत्संग एवं भजन-कीर्तन  की भी व्यवस्था रखी गई है।

Friday, October 10, 2014

Blood Donation Camp in Narayan Seva Sansthan

नारायण सेवा संस्थान में विशाल रक्तदान शिविर 

 नारायण सेवा संस्थान के सेक्टर- 04 स्थित मुख्यालय में संस्थान के साधक-साधिकाओं, सनराईज नर्सिग काॅलेज तथा संजीवनी नर्सिग काॅलेज के छात्र-छात्राओं ने संयुक्त रूप से 80 यूनिट रक्तदान किया।

     इस अवसर पर नारायण सेवा संस्थान के अध्यक्ष श्री प्रशान्त अग्रवाल ने रक्तदान की महत्ता बताई तथा कहा कि दान के अनेक प्रकार होते है जिसमें तन, मन, धन, वस्त्र, अन्न व रक्त इत्यादि दान होते है, इनमें रक्तदान महत्वपूर्ण है तथा रक्तदान से किसी गम्भीर दुर्घटना व बीमारी से पीडि़त व्यक्तिों को रक्तदान द्वारा उनके जीवन का बचाव किया जा सकता है।

 उन्होंने आगे कहा कि भारत में हर एक मिनिट में एक व्यक्ति की मृत्यु होती है तथा प्रत्येक चार मिनिट में एक व्यक्ति की मृत्यु सड़क दुर्घटना में होती है। सड़क दुर्घटना में गम्भीर रूप से घायल व्यक्ति को तुरन्त रक्त की आवश्यकता होती है इसलिए अधिक से अधिक संख्या में स्वस्थ्य व्यक्तियों को पीडि़त व्यक्तियों के जीवन के बचाव के लिए रक्तदान अवश्य करना चाहिए।

संस्थान निदेशक श्रीमती वन्दना अग्रवाल ने कहा कि प्रत्येक स्वस्थ्य व्यक्ति को 3 से 6 माह की अवधि में एक बार रक्तदान करना चाहिए, तथा रक्तदान से रक्तदाता के शरीर में किसी भी प्रकार की कमजोरी नही होती है। अपितु स्वस्थ्य शरीर के लिए रक्तदान महत्वपूर्ण है। इस अवसर पर सनराइस काॅलेज के निदेशक श्री हरीश राजानी, संजीवनी काॅलेज के प्रिंसीपल श्री दिगपाल चुण्डावत एवं हार्दिक पण्ड्या उपस्थित थे। उन्होने नारायण सेवा संस्थान के सेवा कार्य कार्यकलापों की भूरि-भूरि प्रशंसा की। उक्त रक्त युनिट सरल ब्ल्ड बैंक उदयपुर द्वारा एकत्र किए गए।रक्तदान शिविर में संस्थान के निदेशक जगदीश आर्य तथा हाॅस्पीटल प्रभारी राकेश दुग्गल तथा श्रीमती सन्तोष रेगर नर्सिग कर्मी ने प्रबन्धकीय व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।



Saturday, October 4, 2014

701 Girls Worshiped (Kanya Pujan) after Free Corrective Surgery at Narayan Seva Sansthan

सांसद ने दिलाई निर्मल भारत की शपथ
- नारायण सेवा संस्थान में 701 कन्याओं का पूजन

        
सांसद अर्जुन लाल मीणा ने कहा कि स्वच्छता, पर्यावरण और जन स्वास्थ्य के प्रति प्रत्येक व्यक्ति को अपना कर्तव्य पूरी निष्ठा के साथ निभाना होगा। वे गुरूवार को नारायण सेवा संस्थान द्वारा दुर्गाष्टमी पर 501 कन्याओं के पूजन अवसर पर बोल रहे थे। इन कन्याओं के संस्थान की ओर से नवरात्रि पर्व के दौरान विकलांगता सुधार के निःशुल्क ऑपरेशन किए गए। देश के विभिन्न प्रान्तों से आई इन कन्याओं का लाल चुनरी ओढ़ाकर व नैवैद्य भेट कर सांसद ने माता दुर्गा स्वरूप पूजन किया। इस अवसर पर उन्होंने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को उनकी जयन्ती पर पुष्पाजंलि भी दी।

उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी के दो सपने थे। पहला देश की स्वतंत्रता और दूसरा निर्मल भारत। उन्होंने पहला सपना अथक प्रयासों से अपने जीते जी साकार किया। अब दूसरा सपना हमें पूरा करना है। देश के विभिन्न प्रान्तों से उपस्थित बड़ी संख्या में लोगों को उन्होंने स्वच्छता सम्बन्धी शपथ भी दिलाई। उन्होंने कहा कि नारी का सम्मान सदैव से भारत का आदर्श रहा है। बालिकाओं को शिक्षित और स्वस्थ्य रखना हम सब की जिम्मेदारी है। उन्होंने नारायण सेवा संस्थान की सेवाओं की सराहना करते हुए कहा कि कन्या पूजन का यह अभूतपूर्व समारोह हमें निश्चित रूप से इस दिशा में प्रेरित करेगा। सहसंस्थापिका कमला देवी अग्रवाल के साथ सांसद व अतिथियों ने ऑपरेशन थियेटर में होते हुए ऑपरेशन और मूकबधिर बच्चों के लिए चलाए जा रहे शिक्षा सम्बन्धित कार्यो को भी देखा तथा सवीना (उदयपुर) के जमनालाल गमेती विकलांग को त्रीपहिया मोपेड दी।

समारोह के विशिष्ट अतिथि विजय खण्डेलवाल दिल्ली, हरीश राजानी व रमेश जोशी थे। अतिथियों का स्वागत करते हुए संस्थान अध्यक्ष प्रशान्त अग्रवाल ने बताया कि नवरात्रि पर्व पर ही नई दिल्ली में भी संस्थान संस्थापक- चेयरमैन डाॅ. कैलाश जी मानव के सानिघ्य में 200 कन्याओं के ऑपरेशन सम्पन्न हुए हैं और उनका पूजन भी किया गया। उन्होंने कहा कि संस्थान का प्रयास है कि हर गांव में शुद्ध पेयजल के लिए आर. ओ. प्लान्ट लगे और निःशक्त और निर्धन युवाओं को स्वरोजगार उपलब्ध करवाने के लिए वोकेशनल ट्रेनिंग के केन्द्र खोले जाएं।

संस्थान निदेशक श्रीमती वन्दना अग्रवाल ने कहा कि आज के दिन माननीय प्रधानमंत्री के आव्हान पर पूरे देश में सफाई अभियान आरम्भ हो रहा है। इसी कड़ी में हमें कन्या भ्रूण हत्या, अशिक्षा, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के प्रति भी सजग और सावचेत रहने की शपथ लेनी होगी। परिवार, समाज और राष्ट्र तभी सुखी, सम्पन्न और मजबूत होगा जब महिलाएं सशक्त बनेंगी। कार्यक्रम का संचालन ट्रस्टी निदेशक जगदीश आर्य व महिम जैन ने किया।

Tuesday, September 30, 2014

Kunwar Lakshyaraj Singh Mewar inaugurated Free Surgical Camp

कुंवर लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ ने किया निःशुल्क शल्य चिकित्सा शिविर का उद्घाटन

          नवरात्रि के पांचवें दिन सोमवार को नारायण सेवा संस्थान, हिरण मंगरी सेक्टर- 04 के मानव मन्दिर में स्कन्दमाता पूजन के साथ श्री लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ ने कन्याओं के निःशुल्क शल्य चिकित्सा शिविर का उद्घाटन किया। शिविर में पं. बंगाल, बिहार, छत्तीसगढ़, राजस्थान व मध्यप्रदेश से आई सेरेब्रल पाल्सी व अन्य वजहों से विकलांगता झेल रही कन्याओं की शल्य चिकित्सा होगी।
       
संस्थान अध्यक्ष श्री प्रशान्त अग्रवाल ने श्री लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ का स्वागत करते हुए उन्हें नवरात्रि से अब तक कन्याओं के निःशुल्क ऑपरेशन की जानकारी देते हुए बताया कि इसी तरह का शिविर इन दिनों दिल्ली के पंजाबी बाग में भी चल रहा है, जहां अब तक 160 कन्याओं के निःशुल्क ऑपरेशन हो चुके है। श्री लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ ने ऑपरेशन होते हुए भी देखे और उन कन्याओं को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ के लिए शुभकामनाएं दीं, जिनके ऑपरेशन हुए है।  उन्होंने कहा कि नारायण सेवा संस्थान की सेवाएं ईश्वर की सच्ची साधना है। क्योंकि ईश्वर में ही निर्बलों में बल भरने की सामर्थ्य है।

       संस्थान निदेशक श्रीमती वन्दना अग्रवाल ने श्री मेवाड़ का अभिनन्दन करते हुए कहा कि वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप के वंशज का स्वागत कर संस्थान धन्य हुआ है। उन्होंने बताया कि माता भगवती की साधना के नौ दिनों में 701 कन्याओं के निःशुल्क ऑपरेशन सम्पन्न होंगे और दुर्गाष्टमी को मां दुर्गा स्वरूपा इन कन्याओं का पूजन कर उन्हें अपने घरों के लिए विदा किया जाएगा।

        संस्थान निदेशक श्रीमती वन्दना अग्रवाल ने बताया कि संस्थान ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में हर माह करीब 500 निराश्रित, विधवा व असहाय महिलाओं को निःशुल्क राशन उपलब्ध करवा रहा है। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों में स्टेशनरी, स्कूल ड्रेस, पौष्टिक आहार आदि के वितरण की भी जानकारी दी। ट्रस्टी निदेशक जगदीश आर्य ने संस्थान की स्थापना से अब तक की सेवा यात्रा पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि श्री विजय खण्डेलवाल व श्रीमती भगवती देवी दिल्ली तथा एसबीआई के मुख्य प्रबन्धक विजेन्द्र मीणा उदयपुर व एसबीआई उपाध्यक्ष पी.एस. खिंची उदयपुर थे।

Tuesday, September 16, 2014

दिल्ली में होगा निःशक्तजनों का सामुहिक विवाह समारोह

नारायण सेवा संस्थान की ओर से इस बार भी 23 वां निर्धन एवं निःशक्त युवक-युवती का निःशुल्क सामुहिक विवाह समारोह नई दिल्ली में होगा। संस्थान संस्थापक श्री कैलाश ’मानव’ के निर्देश पर युवक -युवतियों के सर्वे एवं चयन के लिए विभिन्न राज्यों में संस्थान साधको की टीमे रवाना की गई है। जिन्हें मंगलवार को संस्थान अध्यक्ष प्रशान्त अग्रवाल ने हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। उल्लेखनीय है कि यह निःशुल्क विवाह समारोह 2-3 दिसम्बर को आयोजित होगा। इससे पूर्व भी जून 14 में भी दिल्ली के राम लीला मैदान में  यह समारोह आयोजित हुआ था।

Disabled Marriage

Wednesday, February 19, 2014

Some 'Important Tips' of life






  • Every person must have a sound sleep of 6 hours
  • Five minutes must be devoted in the service of the 'Almighty' before going to bed and after
  • waking up in the morning
  • Don't forget to join the palms and have a glimpse over it after waking up in the morning
  • Begin your day in a jolly mood and offer prayers
  • Execute your job in a disciplinary manner
  • Never adopt the habit of hastiness during meals, discourses and decision making
  • Habit of executing one task or the other, speaking only when needed the most and hearing more heightens the reputation of a person.

Ideals make life precious

'Human life' has no value without ideals. It is our moral duty to maintain dignity of values of life. There is no need to search for it.






One of the judges of United States of America, Rolf Kohan was a religious and a conscientious person. Before leaving for the court, he used to pray to the 'Almighty', so that justice couldn't be ignored in any of the judicial cases. One day, he was supposed to go through a special hearing. He left his home for the court. On the way, he saw a person, who had met with an accident and was floundering on the ground. He stopped his car and took the injured to the hospital. He was late by half an hour in reaching the court. On reaching there, he found his chamber jam-packed and the counsels of both the parties were eagerly waiting for him. He bowed before his chair and started addressing the people, gathered there. He said, 'I couldn't reach the court in time, due to the fulfillment of my personal responsibilities. I take apology for the inconvenience caused and impose a penalty of 50 Dollars on me'. At this, the assistant of the judge said, 'Sir, why you consider yourself to be guilty for the delay caused, due to the shifting of the injured person to the hospital'? The judge replied, 'Don't discuss about all this in the open court. It was my duty and I fulfilled it. I was supposed to reach the court, in time, but, failed to do so. 'Each & Every' person, present in the chamber was amazed on his conscientiousness.Generally, we fail to develop colloquial character


in our life due to the feeling of self interest and lack of knowledge. If we learn to remain neutral, there is no reason, why we shall not be able to fulfill our responsibilities. We, ourselves, are responsible for the creation of many problems in our life and pray to the 'Almighty' for their solution. What an ironical situation! Today, we have to face many problems, which have been created by us. Is it not our duty to get rid of these problems? If we take an initiative to move forward embellishing our own family, it shall be a wonderful opportunity for us to fulfill our responsibilities towards the society and the nation, as a whole, as a family is a unit of society. If we continue it, even in the present scenario, we shall become entitled for the blessings of the 'Almighty'. We are required to strengthen these thoughts through our deep devotion thereby creating 'will power', within us. It is a fundamental formula of social joy, peace & prosperity and mental peace can be attained through it. 'Human Life' has no value without ideals. It is our moral duty to maintain dignity of values of life. There is no need to search for it. It depends on our behavior, whether to come in grip of problems with self benefitted reasons or perform good deeds and lead a peaceful and a happy life. If we remain concerned about our own benefits and joy, it is a clear indication that we are going to face sorrow in our later life. We have to fulfil our responsibilities honestly, so as to lead a happy and a prosperous life.